Delhi Blast : अल-फलाह से एक और डॉक्टर गिरफ्तार नूंह से भी हुई एक गिरफ्तारी

Delhi Blast : दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के मामले की जांच कर रही एनआईए ने सुबह अल फलाह यूनिवर्सिटी से एक और डॉक्टर को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार सुबह 6 बजे एनआईए की टीम दो गाड़ियों से अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची। टीम सीधे हॉस्टल विंग की ओर गई। टीम को पहले का कमरा नंबर आदि पता था। टीम सीधे उस कमरे में गई और अंदर मौजूद डॉक्टर को हिरासत में लेकर चली गई। इससे पहले एनआईए की टीम बुधवार रात करीब आठ बजे आतंकी संगठन जैश की कथित महिला कमांडर डॉ. शाहीन को लेकर अल फलाह यूनिवर्सिटी पहुंची थी।
पाकिस्तानी के लिए जासूसी और टेरर फंडिंग में सातवीं गिरफ्तारी
मेवात क्षेत्र में चल रहे पाकिस्तानी के लिए जासूसी और टेरर फंडिंग मामले में पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने सातवीं गिरफ्तारी की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तावडू उपमंडल के गांव भंगोह निवासी अधिवक्ता नयूब पुत्र जफरुद्दीन के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नयूब को तीन दिन पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। लंबी पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उसे वीरवार को नूंह अदालत में पेश कर तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। नयूब मुख्य आरोपी और पहले गिरफ्तार रिजवान का करीबी सहयोगी था। दोनों गुरुग्राम कोर्ट में साथ प्रैक्टिस करते थे। नयूब रिजवान के साथ हवाला और टेरर फंडिंग के लेन-देन में सक्रिय था और कई बार साथ में पंजाब गया था।

डॉक्टर मुजम्मिल को लेकर फिर पहुंची NIA
दिल्ली बम धमाके में शामिल अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकील को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी फरीदाबाद दोबारा से अल फलाह यूनिवर्सिटी में लेकर पहुंची। देर रात को उसको लाया गया। इस दौरान जांच एजेंसी उसको दोबारा से उन्हीं जगहों पर ले गई, जहां पर पहले लेकर गई थी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी मुजम्मिल को यूनिवर्सिटी में सबसे पहले डा. शाहीन के फ्लैट नंबर 32 में लेकर गई। जहां पर उससे निशानदेही कराई गई। इसके कुछ समय बाद उसको उमर के फ्लैट में लेकर जाया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों जगह पर उससे अलग-अलग सवाल पूछे गए। यूनिवर्सिटी परिसर में करीब दो घंटे की पूछताछ के बाद टीम मुजम्मिल को लेकर बाहर निकली।
छात्रों के सामने अब बड़ी मुसीबत
दिल्ली ब्लास्ट के बाद से अल फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों की परेशानी दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब हाॅस्टल से बाहर किराये पर कमरा लेकर रहने वाले छात्रों को मकान खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया गया है। जांच एजेंसियों द्वारा की जा रही कार्रवाई को देखकर कोई भी मकान मालिक जोखिम मोल नहीं लेना चाहता है। मकान मालिकों का कहना है कि यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है। ऐसे में वह भी पूछताछ की जद में आ सकते हैं। डीसीपी एनआईटी के पास परेशान छात्रों की ऐसी 10 से अधिक शिकायतें आ चुकी हैं। छात्रों का कहना है कि वह सेशन के बीच में ही कमरा कैसे खाली कर सकते हैं।